Vidai Shiksha | Hindi Wedding Poem | Marriage | Matrimony ... - Poem Ocean in Hindi बहना तू कभी रोना मत हिंदी कविता
बहना तू कभी रोना मत
चाहे आसमान का सितारा जमीन छू जाए
चाहे पंछी के घोंसले पतझड़ के साथ झड़ जाए
चाहे सूरज दोपहर बाद आए
चाहे जिंदगी भले ही थम जाए
उस वक्त तू खड़ी हो जाना सख्त
पर बहना तू रोना मत
मै जानता हूं तुझे एक ना एक दिन जाना होगा
याद तेरी बहुत आयेगी पर तुझे ये मानना होगा
साथ सदा रहेगा हमारा पर तेरी कमी सी ख़लती रहेगी
जब तेरी डोली बिन पीछे देखे चल पड़ेगी
तू याद करते रहना हमें कुछ लिख कर प्यारे से खत्त
बस बहना तू कभी रोना मत
मैं जानता हूं कि तू भी अच्छी है
और शायद तेरे वो भी अच्छे होंगे
पर वक्त बदलते देर नहीं लगते
जब जिंदगी साथ नहीं चलती।
उस पल तू मुझे आवाज लगा देना
आवाज नहीं तो दिल से याद कर देना।
मैं सब कम छोड़ कर तेरे पास चला आऊंगा
उस पल मैं तुझे साथ ले आऊंगा।
तू कभी जिंदगी का साथ खोना मत
बहना तू कभी रोना मत।
ससुराल में सास को मां सा समझना
ससुर में पिता सा स्वरूप देखना
देवर में मुझे कहीं ढूंडना तुम
और ननद में बहन की परछाई देखना
इस बहाने ही हमें कभी याद कर देना
पर याद याद में थोड़ा सा मुस्कुरा देना
यादों में तू कुछ कहना मत
बहना तू कभी रोना मत।
तेरी विदाई के वक्त रोना भी बहुत आएगा
बस दुनिया की खातिर आंसू रोकने से पड़ेगें
वरना लोग कुछ न कुछ जरुर कहेंगे
खुश होकर विदा करना चाहता हूं बहना
बस हमारी खातिर कोई कष्ट सहना मत
बहना तू कभी रोना मत।
थोड़ा सा तो तू भी सुन लेना
थोड़ा सा वक्त सबको दे देना
छोटे होने की खातिर तुझे ही समझना होगा
दूसरों की खातिर शायद तुझे ही बदलना होगा
बस तू हमसे दूर कभी जाना मत
बहना तू कभी रोना मत।
बहना तेरी याद तो बहुत आयेगी
शायद तुझे भी हमारी याद सताएगी
जब याद आए तो बिन सोचे अपने घर चले आना
और अा के बस प्यार से गले लग जाना
हमारा साथ कभी तुम छोड़ना मत
बहना तू कभी रोना मत।
तुझे कुछ देने की मेरी कोई औकात नहीं
प्यार के सिवा कोई सौगात नहीं
यादों के सहारे ही जिंदगी में आगे चलना
और यादों को दिल में संजो कर रखना
इन यादों को तू कभी खोना मत
बहना तू कभी रोना मत।
वो पल मुझे भी याद आते हैं
जब हम बारिश में नाव चलाते थे
और गलती पर हम चारों घर से भाग जाते थे
मां के ढूंढने पर भी ना मिल पाते थे
शाम होने पर खुद ही घर अा जाते थे
कभी कभी तू मेरी खातिर छोटी सी रोटी बनती थी
और अनजान रास्तों में साथ चली जाती थी
उन यादों को कभी खोना मत
बहना तू कभी रोना मत।
अब तो कलम भी रो पड़ी है मेरी
तेरी साथ बिताई यादों को उकेरते उकेरते
तेरी यादों को दिल में छुपा सा लिया है मैने
इसी बहाने जिंदगी को चूम सा लिया है मैने
तेरे प्यार के वो सारे पल बहुत याद आयेंगे
जब घोंसले से पंछी उड़ जाएंगे
जिंदगी में तू कभी दुख सहना मत
बहना तू कभी रोना मत
बहना तू कभी रोना मत।।
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बृजेश शर्मा



