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डिप्रेशन यानी तनाव एक ऐसी बीमारी है जिसके कारण बहुत से रोग हो सकते हैं। यह कभी भी किसी एक कारण से नहीं होता है बल्कि कई कारणों से मिलकर होता है जैसे केमिकल, फिज़िकल, साइकोलाजिकल। लेकिन यह बहुत ही खतरनाक होता है। आज इस कविता में हमने प्रयास किया है कि आपको कविता के माध्यम से इससे लड़ने के उपाय बताए जाए। उम्मीद है आपको पसंद आएगी।
आत्मचिंतन 😊
इक पल तुम खुद को देखो😇
एक पल तुम खुद को जानो
समय की इस नन्ही घड़ी में
स्वयं को तुम पहचानो ।
कोन हूं मैं मै कहा से आया😀
किसके लिए मेंने जन्म है पाया
वो तिथि क्या वो वक्त क्या
जिस पल मैने जन्म था पाया ।
ये तुम तभी समझ सकोगे😉
आत्मचिंतन स्वयं करोगे
वो मनोविज्ञान वो मनोवृति
तुम स्वयं को तभी जन सकोगे 😃
जब थोड़ा सा ध्यान करोगे
दुखता के इस मनमंदिर में
बूंद बूंद तुम प्यार भरोगे।
इक पल की तुम चुपी साधो👶
कार्य से तुम कभी ना भागो
यह भी एक कार्य विशेष
दूर करे जो सबके द्वेष ।
यह पल तुम्हे ज्ञात कराए👧👼
शांति का पाठ पढ़ाये
बिन चिंता सुखमय जीवन।
ईश्वर का तुम ध्यान करो☺️
सब कष्टों का त्याग करो
जीवन का तुम महत्व जानो
स्वयं को तुम पहचानो।।
स्वयं को तुम पहचानो।।😄
जब थोड़ा सा ध्यान करोगे
दुखता के इस मनमंदिर में
बूंद बूंद तुम प्यार भरोगे।
इक पल की तुम चुपी साधो👶
कार्य से तुम कभी ना भागो
यह भी एक कार्य विशेष
दूर करे जो सबके द्वेष ।
यह पल तुम्हे ज्ञात कराए👧👼
शांति का पाठ पढ़ाये
बिन चिंता सुखमय जीवन।
ईश्वर का तुम ध्यान करो☺️
सब कष्टों का त्याग करो
जीवन का तुम महत्व जानो
स्वयं को तुम पहचानो।।
स्वयं को तुम पहचानो।।😄

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