Wednesday, 22 August 2018

short poem on Eid Mubarak ईद मुबारक

A short motiivational Hindi poem on Eid Mubarak

App sbhi ko Eid  Mubarak😆


आप सभी को ईद मुबारक 
ईद मुबारक ईद मुबारक🌙
चाहे आप हिन्दू 
चाहे मुसलमानी
आप सभी को ईद मुहनी⭐
गले से तुम सबको लगाओ
भेद भाव तुम जड़ से मिटाओ🚬
मोज मस्ती में मनाओ ईद
होली भले ना भले  बकरीद🐐
खुशी का आलम हर जगह फैलाओ
यही दुनिया को पाठ पढ़ाओ📕
छोटा बड़ा ना किसे भी अंकों
हर आंगन में खुशियां फेंको😄
ये ही तो है खुशी का आलम 
जो फैलाए हर जगह सावन🌿
खुशी खुशी तुम रहना सिखो
भले हो हिन्दू भले सिक्ख हो💪
जिंदगी है दो पल की यारो
घृणा से न इसे बिगाड़ो
भाई भाई का मेल कराओ
खुशी से सबको जीना सिखाओ
आप सभी को ईद मुबारक
ईद मुबारक ईद मुबारक।

Brijesh sharma
BA 1year

Monday, 20 August 2018

Motivational Poem on अटल बिहारी वाजपेई atal bihari vajpayee

Poem on atal bihari vajpayee

अटल बिहारी बाजपेई जी तथा मौत के बीच वार्तालाप

मौत खड़ी थी दरवाजे पर
मुझे ले जाना चाहती थी
चल साथ मेरे आकाश में
हाथ पकड़ कर कहती थी।🤝

मेंने झट से मना किया उसे
मुझे एक दिन की मोहलत दे दे
वतन ना मेरा मुझको कोसे
बस इतना सा एहसान कर दे।🙏

मुझे देख कर वो बोली
क्या इतनी पीड़ा तू सह लेगा
बस कर अब बहुत हुआ
तेरा वक्त अब खत्म हुआ।🔪

मै गिड़गिड़ा कर रोकर बोला
एक दिन और रुक जा मेरे मौला
15अगस्त ना झंडा झुके
वतन ना रोए उस दिन भोला।😖

क्या सहन कर पाएगा पीड़ा
तिल तिल ही मर जाएगा
वतन की खातिर कुर्बानी ये
याद रखेगा सबका जिया।😐

बहुत बीती अब थोड़ी पाई
यही मैने आह जताई
वतन की खातिर इतना सा बस
याद उसे वो कहानी कराई,📑

वो भगत सिंह वो सिखगुरू
दोनों वतन की खातिर शहीद हुए
 वो गांधी वो लाला अपना
जिसने बड़े संघर्ष किए।🎯

जा जी ले वतन कि खातिर इक दिन
ये वतन ना तुझको भूल पाएगा
संघर्ष ये तेरे याद रखेगा
प्यारा तिरंगा तुझे लिपटेगा।🇮🇳

मैं वतन कि खातिर जिया जिऊंगा
इक दिन संघर्ष और करुगा
भले याद रखे न दुनिया
पर वतन कि खातिर मै मरूंगा।🇮🇳🇮🇳🇮🇳

Brijesh sharma
BA 1,year

Friday, 17 August 2018

Hindi poem on अटल बिहारी वाजपेई atal Bihari vajpayee

अटल बिहारी वाजपेई

खुश होता हूं उन्हें देख कर😃
मन में राहत सी मिलती है
काश में भी वेसा होता
ये चिंगारी सी उठती है।✨
जिसे मौत से कोई भय ना था
जो संघर्षों से लड़ता रहा
वही निडर बलशाली था
जो राष्ट्र की खातिर चला गया📕
जो मां के ना चाहता था टुकड़े
कश्मीर में शांति रखता था
वो अंगारा था या शोला था
जो रूह सबकी जगाता था🕯️
खो दिया था वो बेटा हमने
मां का सपूत निराला था
पोखरन देखो चाहे देखो बंगा
भारत ध्वज फहराया था🇮🇳
तीन बार वो बने पीएम
देश उन्होंने सवार दिया
बेटा था वो भारत मां का
भारत अमर बना दिया
मां की खातिर दे दिया जीवन🗡️
कटुता के विष सागर में
ओरों को वो दे गए अमृत
स्वयं की छत्र छाया में🕵️
तन में ताकत भले ही कम थी
हौसलों में उड़ान अभी जारी थी
15 अगस्त  ना झंडा झुके🇮🇳
इसलिए मौत को हार चटा दी थी
आंतकवाद से लड़ते रहे वो
कश्मीर अलग ना होने दिया
पूरे देश संग आगे बड़कर
भारत स्वर्ग बना दिया👑
आंखे नम रहेगी मेरी
याद सदा ही सताएगी
पर उनके आदर्शो से
जिंदगी संवर जाएगी
नमन रहेगा सदा ही उनको🙏
जो देश की खातिर चले गए
याद रखेगा जमाना सारा
क्योंकि देश भग्ती  सीखा गए।👏

धन्यवाद


Brijesh sharma
BA 1year






Friday, 10 August 2018

Motivational and inspirational poem on Gudiya rape case

Motivational Poem on Gudiya rape case :

मेरी रूह कांप सी जाती है😟
और हृदय में चिंगारी सी लग जाती है,
आंखे रोना चाहती है पर रो ना पाती है
दुष्कर्म की खबरों से जिंदगी तिलमिला सी जाती है।😵
गुस्सा तो बहुत आता है जनाब
पर हाथ उठा ना पाता हूं
काननू की मर्यादा से हट कर
कुछ भी ना कर पाता हूं।😢
ये बदनसीबी है मेरी यही मेरी कहानी है
आजादी को बरसो बीत गए लेकिन बेशर्म ये दुनिया सारी है।
सुबह सवेरे उठते ही  कांप गई थी रूह सी मेरी😨
जब पन्नों पर लिखी गई थी दरिंदगी की कहानी सारी।
चौदह साल की थी वो बच्ची😖
नन्ही सी परी वो प्यारी थी,
रोंध दिए थे सपने सारे
क्यूंकि समय की घड़ी वो भारी थी।☠️
बचपन उसका समाप्त कर डाला
जीवन उसका छीन लिया,   
तरस ना खाया उस पर किसने
नोच नोच कर मार दिया।😭
ऐसी कैसी हवस थी उनकी
जो नन्ही परी को ना छोड़ा,
प्यारा सा बचपन था उसका
कांच की भांति तोड़ दिया।😟
याद ना आयी उस वक्त वो मां
ना बहन की याद सताई थी,
उस बच्ची की बचपन सहित
जिंदगी ले ली सारी थी।😩
क्या इतना निर्दय हो गया था मर्द
जो उसकी पीड़ा वो समझ ना पाया,
बेटी जैसी थी वो उनकी
क्यों तड़फा तड़फा के उसे सताया।😠
क्या भूल गया था वो मर्यादा
या याद नहीं था कोई कायदा,
नन्ही जिंदगी वो बख्श ना पाया
क्या इसी लिए था जन्म ये पाया।😡
गुड़िया की हिम्मत तो देखो
जो कुतो से वो ना डरी,
जोर जोर से चिला कर
कर दी थी दीवार खड़ी🗣️
जिंदगी से वो ना हारी थी
हौसलों में उड़ान अभी जारी थी,
पीड़ा से तड़फ कर भी वो
मौत को हार चटा रही थी।👎
जिंदगी उसकी बख्श ना पाये
सिगरेट से शरीर जला डाला
नोच दिया था चेहरा सारा
 हैवानियत का था दृश्य ये सारा।🤐
गला था उसका घोंट दिया
लेकिन आवाज ना उसकी  घोंट वो पाया,
दुनिया साथ खड़ी थी उसके
पर कुछ भी ना हो पाया।😩
क्यों छूट गए थे वो दुष्कर्मी
क्या यही सजा सारी थी
क्यों तड़फा तड़फा के ना मारा
क्या ताकत उनकी भारी थी।💪
दुख तो इस बात का था गालिब
जीवन वो पूरा ना जी सकी,
मरते मरते भी दे गई  हिम्मत
ज्वाला की चिंगारी थी।🔥
सलाम है गुड़िया को मेरा
रूह वो मेरी जगा गई,
लाखो औरतें लडेगी अब
क्यूंकि हिम्मत वो बड़ा गई।

जय हिन्द।
 written by Brijesh sharma Vicky
BA 1st year shimla


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