Poem on atal bihari vajpayee
अटल बिहारी बाजपेई जी तथा मौत के बीच वार्तालाप
मौत खड़ी थी दरवाजे पर
मुझे ले जाना चाहती थी
चल साथ मेरे आकाश में
हाथ पकड़ कर कहती थी।🤝
मेंने झट से मना किया उसे
मुझे एक दिन की मोहलत दे दे
वतन ना मेरा मुझको कोसे
बस इतना सा एहसान कर दे।🙏
मुझे देख कर वो बोली
क्या इतनी पीड़ा तू सह लेगा
बस कर अब बहुत हुआ
तेरा वक्त अब खत्म हुआ।🔪
मै गिड़गिड़ा कर रोकर बोला
एक दिन और रुक जा मेरे मौला
15अगस्त ना झंडा झुके
वतन ना रोए उस दिन भोला।😖
क्या सहन कर पाएगा पीड़ा
तिल तिल ही मर जाएगा
वतन की खातिर कुर्बानी ये
याद रखेगा सबका जिया।😐
बहुत बीती अब थोड़ी पाई
यही मैने आह जताई
वतन की खातिर इतना सा बस
याद उसे वो कहानी कराई,📑
वो भगत सिंह वो सिखगुरू
दोनों वतन की खातिर शहीद हुए
वो गांधी वो लाला अपना
जिसने बड़े संघर्ष किए।🎯
जा जी ले वतन कि खातिर इक दिन
ये वतन ना तुझको भूल पाएगा
संघर्ष ये तेरे याद रखेगा
प्यारा तिरंगा तुझे लिपटेगा।🇮🇳
मैं वतन कि खातिर जिया जिऊंगा
इक दिन संघर्ष और करुगा
भले याद रखे न दुनिया
पर वतन कि खातिर मै मरूंगा।🇮🇳🇮🇳🇮🇳
Brijesh sharma
BA 1,year
क्या इतनी पीड़ा तू सह लेगा
बस कर अब बहुत हुआ
तेरा वक्त अब खत्म हुआ।🔪
मै गिड़गिड़ा कर रोकर बोला
एक दिन और रुक जा मेरे मौला
15अगस्त ना झंडा झुके
वतन ना रोए उस दिन भोला।😖
क्या सहन कर पाएगा पीड़ा
तिल तिल ही मर जाएगा
वतन की खातिर कुर्बानी ये
याद रखेगा सबका जिया।😐
बहुत बीती अब थोड़ी पाई
यही मैने आह जताई
वतन की खातिर इतना सा बस
याद उसे वो कहानी कराई,📑
वो भगत सिंह वो सिखगुरू
दोनों वतन की खातिर शहीद हुए
वो गांधी वो लाला अपना
जिसने बड़े संघर्ष किए।🎯
जा जी ले वतन कि खातिर इक दिन
ये वतन ना तुझको भूल पाएगा
संघर्ष ये तेरे याद रखेगा
प्यारा तिरंगा तुझे लिपटेगा।🇮🇳
मैं वतन कि खातिर जिया जिऊंगा
इक दिन संघर्ष और करुगा
भले याद रखे न दुनिया
पर वतन कि खातिर मै मरूंगा।🇮🇳🇮🇳🇮🇳
Brijesh sharma
BA 1,year


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